नटखट जग्गा

अतरंगी सा है वो ,थोड़ा सा शर्मिला है बहुत  ही हुशियार और रंगीला नाम है जग्गा,जो है बड़ा ही सीधा साधा चुप चुप रहता है वो ,मन का है सच्चा थोड़ा सा हकलाता है शायद ,तब ही तो गाकर कहता परवरिश हुई  हास्पिटल मैं, सबसे घुलमिल करके रहता प्रोफेसर बागला से जब वो मिला,बदल गयी... Continue Reading →

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