गोलमाल दुनिया

ज़िन्दगी की अजब फिलोस्फी अल्लाह ने घुमाई  कैसी ये चकरी , जो सोचा, वो न पाया,जो न सोचा ,वो खुदबखुद चला आया गोल गोल भूमंडल में, कितने जगमगाते है तारे भरा पढ़ा  अथा ज्ञान भ्रमाण्ड मे,ज़रा खोजो तो प्यारे उपनिषद,भागवत,गीता,पुराण  लाखो लोगो ने रट डाले फिर भी अर्थ का अनर्थ समझकर,घर तबाह  कर डाले किस्मत... Continue Reading →

Advertisements

नटखट जग्गा

अतरंगी सा है वो ,थोड़ा सा शर्मिला है बहुत  ही हुशियार और रंगीला नाम है जग्गा,जो है बड़ा ही सीधा साधा चुप चुप रहता है वो ,मन का है सच्चा थोड़ा सा हकलाता है शायद ,तब ही तो गाकर कहता परवरिश हुई  हास्पिटल मैं, सबसे घुलमिल करके रहता प्रोफेसर बागला से जब वो मिला,बदल गयी... Continue Reading →

Powered by WordPress.com.

Up ↑

%d bloggers like this: