गूँज

भारत माता की जय जय कार
सुन रहा सारा संसार
आज़ादी सिर्फ एक दिन की गुलाम नहीं
हर दिन जशन हो, रमे इसमें हम सभी

कहीं है ऊंचे पर्वत , कही है श्रृंख्लाए
कहीं है लम्बी नदियाँ, कहीं है गहरी गुफाएं

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