गरीब से मिल आया

लोगों ने कहा सोचा गरीब के बारे में
मैंने भी सोचा आज चादर ओढ़ कर

क्यों ना जाऊ मिलने गरीब के घर
चल पड़ा सवालों का काफ़िला लिए
कहाँ जाना की आयेंगे खाली हाथ मगर
व्यथा में सुख देखा, कमी थी फिर भी
वहाँ सबकुछ पाया
आँखों के सामने मन चकरा गया
आज मै गरीब से मिलकर आ गया |

उसकी बेचैनी अपनी कर आया
कुछ अपना, कुछ उसका जोड़ा तो देखा

चार दीवारों मे मै सारा जग देख आया|
पैसो के तराज़ू से तोला तो उसके पास कुछ ना था
आँसू के पैमाने से गम मेरा भी कम ना था
पर जब बात प्यार की आई तो उसके
पास सबकुछ और मेरे पास कुछ ना था
आज मै सारा जग देख आया
आज मै गरीब से मिल आया |

अंतर्मन तक चोट लगी मन भर आया
फिर भी मै गरीब से मिल आया
चूल्हे मे आग नहीं , राख देख आया
सर पर छत नहीं, मगर रास्ते मे महल देख आया
फटी चादर ही सही, सुकून की नींद ले आया
दवाई की जगह आश्वासन देख आया
अच्छी फसल का जूनून देख आया
आँधियों से लड़ने का हुनर सीख आया
बारिश मे मिट्टी से मिट्टी होकर
किसान के चेहरे की मुस्कान देख आया
आज मै सच्चा भारत देख आया|

अपने जीवन का मरहम समझ आया
चूल्हे की राख, सोने का दिलासा
आधी पेट की ज़िंदगी का जलसा देख आया
आज मै गरीब से मिल आया |

Written by my brother😍

27 thoughts on “गरीब से मिल आया

  1. ShankySalty August 21, 2018 / 5:54 pm

    आँखें तो भर आईं है मेरी……..क्या कहुं समझ नहीं आ रहा है…….पूरी तरह से निशब्द कर दिया है मुझे।

    मैं भी काफी दिनों पहले “गरीबी” पे कुछ।लिखने कि कोशिश कि थी। एक बार आप नजर डालें और अपना बहुमूल्य सुक्षाव ज़रूर दे🙏
    👇
    https://wp.me/p8hgnL-4P

    Liked by 2 people

    • Shayra August 21, 2018 / 6:02 pm

      I have read it and It’s heart wrenching but if you don’t take it otherwise, toh can I say something?

      Liked by 1 person

      • Shayra August 21, 2018 / 6:07 pm

        When it comes to writing poem, try to avoid poem in form of sentences.
        That will lost the essence of poetry.
        I mean full sentence like था, है.

        Liked by 1 person

      • ShankySalty August 21, 2018 / 6:13 pm

        I think, I’m not written a poem. It’s an article. BTW thanks for your valuable suggestion. I’ll try my best☺

        Liked by 1 person

      • Shayra August 21, 2018 / 6:14 pm

        That was article but it looks like poem.

        Like

      • ShankySalty August 21, 2018 / 6:20 pm

        I write what I feel. I do not have to write or arrange words, sentence. But I’m trying to improve these mistakes☺

        Liked by 1 person

  2. Nathprasad Dhanawat August 21, 2018 / 5:56 pm

    पैसो के तराज़ू से तोला तो उसके पास कुछ ना था
    आँसू के पैमाने से गम मेरा भी कम ना था
    पर जब बात प्यार की आई तो उसके
    पास सबकुछ और मेरे पास कुछ ना था
    आज मै सारा जग देख आया
    आज मै गरीब से मिल आया !….
    I just love these lines😍… !!!
    Your brother is an amazing writer !!

    Liked by 1 person

    • Shayra August 21, 2018 / 5:59 pm

      Thanks a lot.
      I am sure after reading your comment, he will be motivated.
      I can’t resist myself to post it as I truly loved it 😆

      Liked by 1 person

      • Nathprasad Dhanawat August 21, 2018 / 6:03 pm

        Yes I too loved the post 😊
        & He should write.. would be waiting for his content. You are welcome 😇

        Like

  3. mistimaan August 22, 2018 / 6:29 am

    So nice

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  4. writervikash August 22, 2018 / 8:51 am

    “आज मै सच्चा भारत देख आया|”
    जी हाँ बिल्कुल सम्पूर्ण भारत की दास्तां को प्रस्तुत किया है आपके भ्राता श्री ने और क्या शानदार तरीके से किया, तारीफ़ के क़ाबिल।
    सरल, अर्थपूर्ण, स्पष्ट भाव और तो और वास्तविकता सामने रखा।
    बहुत बहुत धन्यवाद आपको और आपके भाई को इस सुंदर प्रस्तुति के लिए।

    Liked by 1 person

  5. Srishty February 17, 2019 / 12:14 pm

    You’ve got a God-gifted talent of composing poems

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    • Shayra February 18, 2019 / 1:51 am

      That means a lot ☺. Thank you so much for liking it

      Like

  6. Manoj Mehra August 10, 2019 / 3:21 pm

    Beautiful post. Beautifully written by your brother.

    Like

    • Shayra August 15, 2019 / 6:13 pm

      Thank you so much for reading and appreciating it

      Like

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