रिश्ते

रेशम के धागे से भी नाज़ुक

माँ के कोमल स्पर्श से भी सौम्य

होते है ये रिश्ते

कुछ उम्रदराज़ साथ निभाते, कुछ बीच मे ही छोड़ जाते

वीराने से, कुछ अपने से , तो कुछ गुमनाम से रह जाते

न मज़हब है इनका, न कोई धर्म, तो न कोई  मुकाम

कभी लबों पर झिलमिल मुस्कान सजाते,तो कभी नासूर बन सताते

कठिन परीक्षा है उनकी, कशमकश मे जो सबकुछ कह जाते

जैसे बगीचे मे फुलवारी आये, या तूफान में सब सिमट जाए

रिश्तो की समझ हो जिसको, वही उन्हें बखूबी निभा पाए

वरन ये तो दरिया है, भवर मे जिसकी नाहिया डुबी जाए

न ग़ुड़ की डली है ये, जो चाशनी में लिपट पाए

चाहे तो रिस रिसकर खून बाहे , या मेलजोल से साथ निभा जाए

रिश्तो के दरिमियाँ ही  इंसान को वास्तविक खुशी मिल पाए

बदलते युग ने रिश्तो की तस्वीर ही बदल डाली

स्वार्थ , विश्वासघात, छोटी सोच से घ्रसित होकर अपनी ही

और अपनों की हस्ति बदल डाली

भाई, बहिन , माँ -बाप, और न जाने कितने ही रिश्तो का

हवस, नशा, धन-संपत्ति की आड़ मे कत्लेआम कर डाले

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48 thoughts on “रिश्ते

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  1. रेशम के धागे से भी नाज़ुक 

    माँ के कोमल स्पर्श से भी सौम्य

    होते है ये रिश्ते

    एक एक शब्द कमाल का पिरोया है।लाजवाब लेखन।

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  2. जिन्दगी एक सफरनामा ही तो है, रिश्तों का, दादा दादी छुटते है, फिर माँ बाप, बहन विदा होकर चली जाती, शादी होती पत्नी या पति मिलते.. घर में फिर से रिश्तों के वही चक्र पुनर्स्थापित हो जाते हैं.. आदमी तो बस कठपुतली है ..

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  3. If you remember I told you once ki hindi m you write behtarin and you can qrite more amazing…you really are doin your job so sincerely….jabra fan for this poem

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    1. Thanks a lot . Welcome back . I’m very happy to see you again Ujjwal. You have come with bang. I have read your posts . More than awesome. I’m not much active here these days , but try to come back with some good posts. Thanks for reading nd don’t leave WP buddy. It needs such an amazing writers like u😊

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      1. Thanks for such a warm wish gargi.When I have such amazing readers I am definitely excited about writing.You always tend to make my day special.Its awesome reading you.I know you are quite busy these days but we are connected.

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      2. Yes, it feel happy to be connected with u again. Looking forward to your new posts. Vaise do you miss WP . Kuch h for sharing with your readers.

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